करमा की थाप पर जीवंत हुई सोनभद्र की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का दिखा अद्भुत संगम
कोटा के कानोपान में भव्य जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव, पारंपरिक विधि-विधान से हुई करमा पूजा
राम दरबार विग्रह के अनावरण के साथ महोत्सव का शुभारंभ, बैगा पुजारियों ने कराई करम देवता की पूजा
अपनी लोक परंपरा, पूजा-पद्धति, रहन-सहन और गीत-संगीत पर गर्व करते हुए समाज को आगे बढ़ाएं—सत्येंद्र सिंह
जनजातीय संस्कृति हमारी अमूल्य विरासत, नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी मंत्री जी
प्रशासन के सहयोग से सम्पन्न हुआ आयोजन, जनजातीय समाज की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -जनपद की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार, 14 सितम्बर को ग्राम पंचायत कोटा के कानोपान मौजा स्थित राधाकृष्ण वालवाणी केंद्र में जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव (करमा पूजा) का भव्य एवं गरिमामय आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से सम्पन्न हुआ। महोत्सव में जनजातीय समाज की प्राचीन परंपराओं, पूजा-पद्धति एवं सांस्कृतिक मूल्यों की मनोहारी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राम दरबार विग्रह के अनावरण के साथ किया गया। इसके उपरांत बैगा पुजारियों ने जनजातीय परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से करम देवता की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, वनवासी कल्याण आश्रम के क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद, पेट्रोलियम मंत्रालय की चेयरमैन शारदा खरवार, सेवा समर्पण संस्थान के जिलाध्यक्ष जे.सी. विमल, उप जिलाधिकारी ओबरा रवि पासवान तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि सत्येंद्र सिंह ने वनवासी भाई-बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज की लोक परंपराएं, पूजा-पद्धति, रहन-सहन, गीत-संगीत और प्रकृति के साथ उसका आत्मीय संबंध हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। हमें अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व करते हुए शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ना है और अपनी परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
उन्होंने करमा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए करम देवता से प्रार्थना की कि प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि आए, खेती एवं फसल अच्छी हो, रोजगार के अवसर बढ़ें और समाज निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड ने कहा कि सोनभद्र की जनजातीय संस्कृति अपनी विशिष्ट परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति के प्रति आस्था के लिए जानी जाती है। अपनी इस गौरवशाली विरासत को पूरे उत्साह एवं धूमधाम से मनाने के साथ ही नई पीढ़ी को इससे जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, जनजातीय समाज एवं सहयोगी जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को जीत सिंह खरवार, शारदा खरवार एवं जे.सी. विमल सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक एकजुटता को और सशक्त बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन शंभू गोंड ने किया तथा उप जिलाधिकारी ओबरा रवि पासवान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री पंकज, सह प्रांत संगठन मंत्री रामलखन, जितेंद्र, हरिश्चंद्र त्रिपाठी, संजीव त्रिपाठी, शिवम मिश्रा, गुरुशंकर, दूधनाथ, जितेंद्र सिंह कुशवाहा, रविंद्र सिंह, हीरेश द्विवेदी, दीपक दुबे, जयप्रकाश खरवार, रामू गोंड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनजातीय समाज के लोग एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


