विभाजन की विभीषिका का स्मरण कर दी श्रद्धांजलि, एकता-अखंडता और सामाजिक सद्भाव का लिया संकल्प
मा0 मंत्री जी बोले विभाजन की पीड़ा हमें आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने की देती है सीख
इतिहास की त्रासदी से सीख लेकर भावी पीढ़ी को शांति, सद्भाव और एकता का संदेश देना हम सभी का दायित्व- मा0 मंत्री
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -देश के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए आज कलेक्ट्रेट सभागार में ‘
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मा० राज्य मंत्री, समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन संजीव कुमार गोंड, मा० उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग जीत सिंह खरवार एवं जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, सहायक पर्यटन अधिकारी राजेश कुमार भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकगण एवं छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि देश का विभाजन भारतीय इतिहास की अत्यंत पीड़ादायक घटनाओं में से एक रहा है। उस दौर में असंख्य परिवारों ने अपनों को खोया, लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा और विस्थापन की असहनीय पीड़ा से गुजरना पड़ा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि इतिहास की इस त्रासदी से हमें यह सीख मिलती है कि आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के भेद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। यही विभाजन की पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मा० उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग जीत सिंह खरवार कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास के उस कठिन दौर का स्मरण कराता है, जब लाखों लोगों को विस्थापन, संघर्ष और अपनों से बिछड़ने की पीड़ा सहनी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करते हुए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज में शांति, सौहार्द, सहिष्णुता और आपसी भाईचारे की भावना सदैव मजबूत बनी रहे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों से परिचित कराना आवश्यक है। इतिहास की पीड़ा हमें विभाजन नहीं, बल्कि एकता का महत्व समझाती है। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सर्वाेपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों एवं विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों के संघर्ष से प्रेरणा लेकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित, सशक्त और समरस भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकगण एवं छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उनके संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारे को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया गया।









