जिला अस्पताल से अगवा 10 साल की बच्ची की हत्या

डायल-112 के सिपाही अभिषेक यादव गिरफ्तार; दुष्कर्म की भी आशंका

गोरखपुर । जिला अस्पताल से लापता 10 साल की बच्ची की हत्या से सनसनी फैल गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव पर जिला अस्पताल से बच्ची को अगवा कर उसकी हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने गाजीपुर निवासी आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल परिसर का है।इस संबंध में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने प्रेसवार्ता में बताया कि डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव ने बच्ची को जिला अस्पताल से ले जाकर उसकी हत्या की। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर बच्ची के साथ दुष्कर्म की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। हत्या और अन्य संभावित अपराधों के कारणों का भी खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा। फिलहाल आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने कहा कि 24 घंटे के भीतर आरोपी सिपाही को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
दिलचस्प है कि आरोपी सिपाही अभिषेक यादव करीब एक वर्ष पहले भी गंभीर आरोपों को लेकर जांच के घेरे में आ चुका है। उस समय पश्चिम बंगाल की एक युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बताया जाता है कि युवती के बयान दर्ज नहीं होने के कारण दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। हालांकि उसके पास से बरामद कूटरचित आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने उसे जेल भेजा था और उसी मामले में चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर उसकी करतूत से खाकी शर्मसार हुई है।
गौरतलब है कि आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बच्ची के पिता पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को उनकी बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे 10 साल की बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। बहन को खाना खिलाने के बाद रात करीब नौ बजे वह घर के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं पहुंची। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर और आसपास उसकी तलाश की। रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी लेने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की थी।फिलहाल डायल-112 के सिपाही अभिषेक यादव द्वारा 10 साल की बच्ची के कथित अपहरण और हत्या की इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दुष्कर्म की आशंका समेत पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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