गोरखपुर में भूजल दोहन पर सख्ती की मांग, डीएम से अवैध सबमर्सिबल पंप व कार वॉश सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार
गोरखपुर। शहर में तेजी से हो रहे भूजल दोहन को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है। राधिका देवी चैरिटेबल मेमोरियल ट्रस्ट, गोरखपुर की ओर से ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अवैध समरसेबल पंप, व्यावसायिक आरओ प्लांट और कार वॉशिंग सेंटरों द्वारा किए जा रहे कथित अंधाधुंध भूजल दोहन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि शहर के कई क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति के समरसेबल पंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा व्यावसायिक आरओ प्लांट और कार वॉशिंग सेंटर बिना जल पुनर्भरण (वॉटर रिचार्ज) की व्यवस्था किए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में भूजल का दोहन कर रहे हैं।
शिकायत में दावा किया गया है कि लगातार हो रहे इस अत्यधिक दोहन के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में क्षेत्र जल संकट और डार्क जोन की स्थिति का सामना कर सकता है, जिससे पर्यावरण और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह गतिविधियां पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों तथा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो सकती हैं। इस संबंध में प्रशासन से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ट्रस्ट ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर शहर में संचालित अवैध समरसेबल पंपों, आरओ प्लांटों और कार वॉशिंग सेंटरों की जांच कराई जाए। साथ ही सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जल रीसाइक्लिंग एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाए।
ट्रस्ट का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गोरखपुर शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से इस मुद्दे पर शीघ्र हस्तक्षेप कर पर्यावरण संरक्षण और भूजल बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।








