डीएम-एसएसपी ने गंभीरता से सुनीं फरियादियों की समस्याएं

गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 264 फरियादी अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे, जिनमें से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
तहसील दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, धोखाधड़ी, चकरोड निर्माण, मुआवजा, नामांतरण, नकल प्राप्ति एवं दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने जैसे मामले प्रमुख रूप से सामने आए। कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जबकि कुछ ने सरकारी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत की।
मौजा चिलबिलवा (हवेली) के प्रार्थियों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर बिना नक्शे में चकरोड दर्ज हुए जबरन चकरोड बनवाकर खड़ंजा लगाया गया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इस संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए चकरोड हटाने की मांग की गई।
वहीं, एक अन्य मामले में प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि उसकी खरीदी गई जमीन को फर्जी तरीके से अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया तथा कब्जा दिलाने के नाम पर धन उगाही की गई। इस संबंध में थाना खोराबार में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई न होने की शिकायत की गई।
इसके अलावा कई मामलों में दबंग भू-माफियाओं द्वारा जमीन कब्जाने की कोशिश, धमकी देने तथा प्रशासनिक लापरवाही की शिकायतें सामने आईं। फरियादियों ने अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसएसपी ने पुलिस से संबंधित मामलों में त्वरित जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार/डिप्टी कलेक्टर ज्ञान प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, सीओ कैंट विभा सिंह, सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे और हर शिकायत का पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।








