13 साल से एक ही जिले में जमे पूर्व उद्यान प्रभारी पर भ्रष्टाचार व नियमों की अनदेखी का आरोप

गोरखपुर । शासन के नियमों को ताक पर रखकर बार-बार अपने तबादले निरस्त कराने और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के गंभीर आरोपों के घेरे में आए राजकीय उद्यान (वी पार्क), गोरखपुर के पूर्व उद्यान प्रभारी विजय प्रकाश शुक्ला के खिलाफ आज मोर्चा खोल दिया गया। सोमवार को कांग्रेस अनुसूचित विभाग कमेटी के जिला अध्यक्ष पंकज पासवान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने मंडलायुक्त के अनुपस्थिति में अपर आयुक्त( न्यायिक)को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि विजय प्रकाश शुक्ला का स्थानांतरण वर्ष 2014 में मेरठ से गोरखपुर हुआ था। तब से लेकर पिछले 13 वर्षों से वे लगातार गोरखपुर में ही जमे हुए हैं, जो कि राजकीय शासनादेश (मंडल में अधिकतम 7 वर्ष और जिले में 3 वर्ष की सेवा अवधि) का स्पष्ट उल्लंघन है। इस दौरान उन्होंने कई बार अपने रसूख और धन बल के दम पर स्थानांतरण आदेशों को निरस्त कराया वर्ष 2019 जिला उद्यान अधिकारी, गोंडा के पद पर हुआ तबादला महज 11 दिनों के भीतर प्रभाव का इस्तेमाल कर निरस्त कराया वर्ष 2021 पदोन्नति मिलने के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर गोरखपुर में ही तैनाती बनाए रखी। जून 2025 जिला उद्यान अधिकारी, वाराणसी के पद पर तबादला हुआ, लेकिन 3 महीने तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया और सितंबर 2025 में राजनीतिक दबाव बनाकर इसे पुनः निरस्त कराकर गोरखपुर वापस आ गए।
गोरखपुर वापसी के बाद शुक्ला का एक कथित वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने उद्यान मंत्री दिनेश सिंह एवं अन्य उच्च अधिकारियों के खिलाफ अत्यंत अमर्यादित और अश्लील भाषा का प्रयोग किया था। इसके बाद विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित कर जिला उद्यान कार्यालय, बस्ती से संबद्ध कर दिया गया था निलंबन के 8 माह बीत जाने के बाद भी वर्तमान जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ द्वारा वी पार्क का चार्ज शुक्ला से वापस नहीं लिया जा सका है। इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण वर्तमान प्रभारी सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। पिछले लगभग 1 वर्ष से वी पार्क में पौधों की बिक्री पूरी तरह बंद है, जिससे सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है और आम जनता परेशान है। चंद्रिका प्रसाद भारती (एडवोकेट) प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग में संबोधित करते हुए कहां की कर्मचारी नियमावलियों का उल्लंघन किया जा रहा है प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी को 3 वर्ष से अधिक एक पटल पर नहीं रहना है। अगर ऐसा होता है तो काम चली नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त शासन को करना चाहिए लेकिन अभी तक शासन के कानो में जु नहीं रेग रहा है। तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं हुई तो निश्चित रूप से धरना प्रदर्शन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पंकज पासवान ने कहा, “यह माननीय मुख्यमंत्री जी का गृह जनपद है। जब यहाँ शासन के आदेशों की इस तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो बाकी जनपदों का क्या हाल होगा? यदि इस पूरे प्रकरण की त्वरित जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और पार्क का चार्ज नहीं दिलाया गया, तो हम बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
उच्च स्तरीय अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
राजकीय उद्यान (वी पार्क) का चार्ज तुरंत वर्तमान प्रभारी को सौंपने का लिखित निर्देश जारी हो।
नियमों का उल्लंघन करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से:
महेंद्र मोहन गुड्डू तिवारी , चंद्रिका प्रसाद भारती , चंद्र प्रकाश राय, अभिजीत पाठक, स्नेह लता गौतम जितेंद्र पासवान, राधेश्याम सिंह,अंश चौधरी, राज मद्धेशिया, संजय कुमार, शैलेश कुमार सुबोध पाण्डेय, आशुतोष पाण्डेय, समरजीत, अजय पासवान , ध्रुव गुप्ता नवीन कुमार कनौजिया सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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