अब शोषण का अंत निश्चित है। मज़दूर को उसका पूरा हक देना ही होगा।— विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह

दिखावटी संगठन और कंपनियों के इशारों पर नाचता DLC

पूर्वा टाइम्स – समाचार

रेणुकूट (सोनभद्र)सोनभद्र की औद्योगिक नगरी रेणुकूट में मज़दूरों के हक और अधिकार की लड़ाई एक बार फिर तेज़ होने वाली है। यहाँ की मज़दूर राजनीति ने उस समय नई करवट ली, जब पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और मज़दूरों के प्रिय नेता स्व. शिव प्रताप सिंह के भाई विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह मज़दूरों की बुलंद आवाज़ बनकर सामने आए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मज़दूरों का आर्थिक या मानसिक शोषण अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेणुकूट के मज़दूर आज भी स्व. शिव प्रताप सिंह को अपना मसीहा मानते हैं। उनके निधन के बाद क्षेत्र का मज़दूर वर्ग स्वयं को नेतृत्वहीन महसूस कर रहा था। अब डब्लू सिंह ने उसी शून्य को भरने का बीड़ा उठाया है। डब्लू सिंह ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे अपने बड़े भाई के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके अधूरे सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि मज़दूरों के सम्मान और रोटी की लड़ाई के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। विजय प्रताप सिंह ने मज़दूरों के नाम पर चल रही राजनीति और प्रशासनिक सुस्ती पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर निशाना साधा डब्लू सिंह का आरोप है कि रेणुकूट में सक्रिय कई मज़दूर संगठन केवल मज़दूरों के नाम पर अपनी रोटियां सेंक रहे हैं। ये संगठन मज़दूरों के हितों की रक्षा करने के बजाय उनके हकों का सौदा कर अपना निजी फायदा देख रहे हैं। उन्होंने उप श्रम आयुक्त (DLC) कार्यालय को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह विभाग अब केवल नाम का रह गया है। डब्लू सिंह के अनुसार, डीएलसी कार्यालय कंपनियों का रबर स्टैंप बन चुका है और मज़दूरों की समस्याओं के समाधान के बजाय कंपनियों के इशारों पर काम कर रहा है। डब्लू सिंह की सक्रियता ने रेणुकूट के औद्योगिक घरानों और निष्क्रिय पड़े पुराने संगठनों में खलबली मचा दी है। मज़दूरों का मानना है कि डब्लू सिंह के रूप में उन्हें एक ऐसा निडर नेता मिला है जो बिना किसी डर के प्रबंधन की आँखों में आँखें डालकर उनके हितों की बात कर सकता है। मज़दूर तबके में उन्हें लेकर एक नई उम्मीद और जोश देखा जा रहा है। डब्लू सिंह ने अपनी भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि आने वाले समय में वे वेतन विसंगति, सुरक्षा मानक और नाजायज़ छंटनी जैसे गंभीर मुद्दों पर मज़दूरों को एकजुट कर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। सोनभद्र के इस औद्योगिक बेल्ट में डब्लू सिंह का यह उभार यहाँ की मज़दूर राजनीति की दिशा और दशा बदलने के साफ संकेत दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *