सोनभद्र टीम निशा-बबलू की कोशिशें लाईं रंग, 24 घंटे के भीतर मिले लापता 4 मासूम
मानवता की मिसाल सोशल मीडिया की ताकत और पुलिस की मुस्तैदी ने बुझते हुए घरों के चिरागों को फिर से किया रोशन।
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) सोनभद्र जनपद में जन-सेवा और मानवीय सरोकारों के लिए पहचानी जाने वाली टीम निशा-बबलू सिंह एक बार फिर संकट के समय फरिश्ता बनकर सामने आई है। रेणुकूट क्षेत्र से लापता हुए चार नाबालिग बच्चों को पुलिस और समाजसेवियों के साझा प्रयास से महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया है। मामला रेणुकूट क्षेत्र की चाचा कॉलोनी (वार्ड नंबर 3) का है। निवासी नंदू पाल ने 10 मई को पिपरी थाने में तहरीर दी थी कि उनका पुत्र आलोक कुमार पाल अपने तीन दोस्तों—रोहित कुमार, विवेक कुमार और अनिकेत राम के साथ 9 मई से लापता है। चार बच्चों के एक साथ गायब होने की खबर से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।जब हताश और परेशान परिजन पूर्व अध्यक्ष निशा बबलू सिंह के पास पहुंचे, तो टीम के मुख्य संरक्षक विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने इसे व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में लिया। उन्होंने तत्काल मामले की जानकारी और बच्चों के फोटो सोशल मीडिया पर साझा किए। डब्लू सिंह द्वारा जारी की गई अपील और वीडियो को देखते ही देखते 2000 से ज्यादा लोगों ने शेयर किया। इस व्यापक डिजिटल अभियान ने न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि प्रशासन पर भी त्वरित कार्रवाई के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया। सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। टीम निशा-बबलू द्वारा फैलाए गए सूचना तंत्र और पुलिस की सक्रियता के कारण बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।चाहे सड़क दुर्घटना में मदद हो, गरीब कन्या की शादी या फिर उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना—टीम निशा-बबलू हमेशा तत्पर रहती है। रेणुकूट की इस सफलता ने साबित कर दिया कि यदि जनता और प्रशासन कंधे से कंधा मिलाकर चलें, तो बड़ी से बड़ी चुनौती को हल किया जा सकता है।हमारा उद्देश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि जन-सेवा है। जब वे दुखी माता-पिता हमारे पास आए, तो हमारा कर्तव्य था कि हम अपनी पूरी ताकत लगा दें। पुलिस प्रशासन का सहयोग और सोशल मीडिया पर जनता का साथ रंग लाया और बच्चे सुरक्षित घर वापस आ गए।विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह (मुख्य संरक्षक, टीम निशा)









