सोन नदी में छोड़े गए मछलियों के बच्चे, मत्स्य संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र – चोपन सोन नदी में मत्स्य संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सेक्टर योजनांतर्गत रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के तहत चोपन स्थित सोन नदी में मछलियों के बच्चों को छोड़ा गया।इस पहल का उद्देश्य नदी में मछलियों की संख्या बढ़ाने, जलीय जैव विविधता के संरक्षण तथा मत्स्य संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में प्रयास करना है। कार्यक्रम में नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष उस्मान अली सहित निषाद पार्टी के पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली ने कहा कि सोन नदी क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। इसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नदी में मछलियों के बच्चों को छोड़ने से मत्स्य संसाधनों के संवर्धन में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि नदियों के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए जल प्रदूषण पर नियंत्रण और जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रकार की पहल से मत्स्य संपदा को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरा समुदाय की आजीविका को भी लाभ पहुंचेगा।वहीं, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद और प्रदेश महासचिव दयाशंकर निषाद ने कहा कि मत्स्य संरक्षण की दिशा में रिवर रैंचिंग कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल है। नदियों में मछलियों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उनके संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मत्स्य संसाधनों की वृद्धि से मछुआरा समाज को भी लाभ मिल सकता है। ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने से नदी की जैव विविधता को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में अपर निदेशक शुभम कश्यप, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक विकास दीपांकर,निषाद पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष साहनी, डॉ. विजय साहनी, फूलचंद चौधरी, सदाफल निषाद,जितेंद्र निषाद,छोटेलाल निषाद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मत्स्य संरक्षण की इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए सोन नदी की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के माध्यम से सोन नदी में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में पहल की गई। इस प्रकार के प्रयास नदी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकते हैं।

