दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बी.एससी. (ऑनर्स) ‘नेचुरल फार्मिंग’ विषय पर कृषि पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की तैयारी
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गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2025–26 से बी.एससी. एग्रीकल्चर (ऑनर्स) इन नेचुरल फार्मिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह कोर्स प्राकृतिक, जैविक और सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पाठ्यक्रम की रूपरेखा, पाठ्यक्रम समिति का गठन, बुनियादी ढाँचा, प्रयोगशालाओं का उन्नयन एवं प्रायोगिक खेतों की तैयारी सहित सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियाँ सक्रिय रूप से संचालित की जा रही हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा, “प्राकृतिक खेती आने वाले समय की आवश्यकता है। यह नया पाठ्यक्रम छात्रों को न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण देगा, बल्कि उन्हें पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में भी जागरूक बनाएगा।”कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. राम रतन सिंह ने बताया कि पाठ्यक्रम में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का समन्वय होगा, तथा इसमें शून्य बजट प्राकृतिक खेती , जैविक उर्वरक, कीट प्रबंधन, देशज बीज प्रणाली, एवं कृषक क्षेत्र विद्यालय जैसे व्यावहारिक घटक शामिल होंगे। विश्वविद्यालय का यह प्रयास उत्तर प्रदेश एवं देशभर के छात्रों को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील और व्यावहारिक कृषि शिक्षा प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भविष्य में किसान समूहों को इस योजना से जोड़ा जाएगा तथा जैविक उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा पाठ्यक्रम की अंतिम स्वीकृति मिलने के पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इच्छुक छात्र एवं अभिभावक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर समय-समय पर जानकारी प्राप्त करते रहें।








