गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिला ‘पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025’

चैंपियन इंस्टीट्यूशन फॉर नेचर (समग्र उत्कृष्टता) श्रेणी में उत्तर प्रदेश से एकमात्र चयनित विश्वविद्यालय

पूर्वा टाइम्स समाचार

गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान को प्रतिष्ठित ‘पर्यावरण चैंपियन पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार संस्थान को ‘चैंपियन इंस्टीट्यूशन फॉर नेचर (समग्र उत्कृष्टता)’ श्रेणी में प्रदान किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्थान की व्यापक और समर्पित पहलों की मान्यता है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून में आयोजित विशेष समारोह में यह सम्मान संस्थान की सहायक आचार्य एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों की समन्वयक डॉ. नूपुर सिंह को प्रदान किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चिपको आंदोलन की अंतिम जीवित कड़ी सुदेशा देवी थीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अनूप नौटियाल, संस्थापक, सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज (SDC) फाउंडेशन उपस्थित रहे।गौरतलब है कि इस पुरस्कार की विश्वविद्यालय श्रेणी में उत्तर प्रदेश से केवल दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का चयन किया गया I
संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हाल के वर्षों में किए गए कार्यों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान, वेटलैंड संरक्षण, किसान संगोष्ठियां, किसान एक्सपो तथा ‘श्री अन्न मेला’ जैसे विविध कार्यक्रम शामिल हैं। इन पहलों ने न केवल पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी सतत विकास की दिशा में प्रेरित किया है। यह पुरस्कार भारतीय वन्यजीव संस्थान, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) एवं भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रायोजित किया गया था।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस उपलब्धि पर संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को दर्शाता है, तथा आने वाले समय में और भी प्रभावी पहल करने के लिए प्रेरित करेगा।

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