भागीरथी सांस्कृतिक मंच की 791वीं काव्यगोष्ठी हुई सम्पन्न
पूर्वा टाईम्स – डॉ अनिल गौतम

गोरखपुर। भागीरथी सांस्कृतिक मंच,गोरखपुर की 791 वीं काव्यगोष्ठी एम.जी.एकेडमी के नौसढ़ स्थिति कार्यालय पर सम्पन्न हुई।जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार भाई अवधेश नंद ने की व मुख्य अतिथि एम.जी.एकेडमी के प्रबंधक ब्रह्मानंद वर्मा रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था के संयुक्त सचिव कुन्दन वर्मा ‘पूरब’ ने किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। युवा कवि अजय कुमार ने बेटी विदाई पर प्रश्न करते हुए गीत पढ़ा-काहे अइसन रितिया बनाई रे,बिटिया हो जइहे पराई रे। भाई कुन्दन वर्मा पूरब ने बेवफाई की बात अपने शेर में यूं किया-जिनकी बेवफाई हम अक्सर भुलाते रहे,बेबसी पर मेरी वो ही मुस्कुराते रहे। वरिष्ठ गज़लकार अरुण ब्रम्हचारी ने व्यवस्था पर प्रश्न करते हुए ग़ज़ल पढ़ी रही यही जो निजामें गुलशन तो गुल भी आहोफुगां करेंगे। रविस न बदली जो बागबां ने तो सिर्फ कांटे उगा करेंगे। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ गीतकार अवधेश नंद जी ने सद् मार्ग की बात की – संवारी जा सके जितनी संवारो जिंदगी अपनी,सदा सद् मार्ग पर चलना बनालो जिंदगी अपनी।मुख्य अतिथि बी.एन.वर्मा ने सभी कवियों को संबोधित करते हुए कहा कवि समाज सुधारक होता है,वह देश काल परिस्थिति के अनुसार समाज को रास्ता दिखाता है। काव्य पाठ करने वाले अन्य कवियों वंदना सूर्यवंशी, बिंदु चौहान एवं अरविन्द अकेला, राम सुधार सिंह सैथवार,डा. सत्य नारायण ‘पथिक’,राम समुझ सांवरा, महमूद भाई,हाजी मकबूल अहमद आदि प्रमुख रहे।








