थाईलैंड में सनातन संस्कृति का है प्रभाव, होती है देवी देवताओं की पूजा – फोचनाट नियापुथंग

पुर्वा टाईम्स – डॉ अनिल गौतम
गोरखपुर। थाईलैंड पूर्व से ही सनातन धर्म से प्रभावित है। थाईलैंड का इतिहास हिंदू और बौद्ध धर्मों के प्रभाव से भरा पड़ा है। थाईलैंड के प्राचीन इतिहास में हिंदू धर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।उक्त बातें थाई मूल की निवासनी फोचनाट नियापुथंग पत्नी दीपक तिवारी ने विकास खंड गगहा के सेमरी गांव में निर्माणाधीन पंचमुखी हनुमान मंदिर स्थल पर पहुंचकर समर्पण राशि देने के उपरांत हनुमान सेवा समिति के कार्यकर्ताओं से कही। उन्होंने कहा कि थाईलैंड में हिंदू धर्म का प्रभाव लगभग 5 वीं शताब्दी से शुरू हुआ।जब यह क्षेत्र हिंदू राजाओं के अधीन था। उस समय थाईलैंड में हिंदू मंदिरों और संस्कृति का विकास हुआ। थाईलैंड के प्राचीन शहरों में से एक अयुत्थया जिसे हिन्दी बोलचाल में अयोध्या के नाम से भी पुकारा जाता है हिंदू मंदिरों के अवशेष हैं। इन मंदिरों में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियाँ और चित्र हैं। थाईलैंड में हिंदू धर्म का प्रभाव बौद्ध धर्म के आगमन के साथ कम हो गया लेकिन अभी भी थाईलैंड में हिंदू धर्म के अनुयायी हैं और हिंदू त्योहारों का आयोजन किया जाता है। राजाओं के नाम हिंदू देवी देवताओं के नामों पर आधारित हैं। वहां के पारंपरिक नृत्यों में हिंदू देवी देवताओं के चित्रों का उपयोग होता है। उन्होंने कहा मंदिर निर्माण में हमारा सहयोग होता रहेगा और समय समय पर हम यहां आते भी रहेंगे।इस दौरान सेवा समिति के अभिषेक तिवारी संतोष तिवारी रामभवन तिवारी अमित तिवारी इन्द्रदेव कुमार अनिल तिवारी झिनकन तिवारी आनंद तिवारी आकाश तिवारी महेश शर्मा जितेन्द्र दीपू प्रजापति सहित आदि लोग मौजूद रहे।

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