अवैध खनिज परिवहन से अर्जित 83 लाख की संपत्ति कुर्क, चोपन पुलिस अवैध करोबार पर प्रहार.पूर्वा टाइम्स – ब्यूरोसोनभद्र -जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चोपन पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध तरीके से खनिज संपदा के परिवहन से अर्जित संपत्ति से जुड़े दो ट्रकों को कुर्क किया है। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, दोनों ट्रकों की कुल कीमत 83 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सोनभद्र के आदेश पर 25 अक्टूबर 2026 को की गई। पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना चोपन पुलिस ने मु0अ0सं0 551/2026 से संबंधित मामले में कार्रवाई की। मिले प्रेस नोट के अनुसार, आरोपी आरिफ खान पुत्र निजामुद्दीन, निवासी ग्राम परही, थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र पर बिना परमिट मिट्टी और बालू जैसे खनिज पदार्थों का अवैध परिवहन करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध खनिज परिवहन से जुड़े कारोबार के जरिए संपत्ति अर्जित कर रहा था। इसी मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की गई।
दो ट्रकों की कीमत 83 लाख रुपये-:
पुलिस द्वारा कुर्क की गई संपत्ति में दो ट्रक शामिल हैं। इनमें ट्रक संख्या UP64CT 9049 की कीमत 35 लाख रुपये और ट्रक संख्या UP64CT 5215 की कीमत 48 लाख रुपये बताई गई है। दोनों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 83 लाख रुपये है। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, जिलाधिकारी सोनभद्र के 9 अक्टूबर 2026 के आदेश के तहत गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) में संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 से संबंधित मुकदमे के तहत की गई है।
अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की कार्रवाई-:
पुलिस का कहना है कि अवैध खनिज परिवहन से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना है। इस कार्रवाई में थाना चोपन के प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता और पुलिस टीम की भूमिका बताई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध खनिज परिवहन के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

