पोषण माह में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित की गई चित्रकारी की किताबें

कुपोषित बच्चों के माता-पिता, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

गर्भवती महिलाओं को चारों एएनसी, खान-पान एवं टीकाकरण के प्रति किया गया जागरूक

सही पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर टीकाकरण से स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ बचपन का संदेश

पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जनपद सोनभद्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ कुपोषित बच्चों के माता-पिता, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को चित्रकारी की किताबें वितरित की गईं तथा बच्चों से चित्रकारी भी कराई गई। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को सीखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों को पोषण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान आयोजित पोषण गोष्ठी में गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से मातृ स्वास्थ्य एवं गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जागरूक किया गया। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाली चारों एएनसी (Antenatal Check-up) नियमित रूप से कराने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक जांच कराना तथा निर्धारित समय पर टीकाकरण कराना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित खान-पान के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें तथा चिकित्सक/स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का सेवन करें। साथ ही गर्भवती महिलाओं को एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में रहकर नियमित स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक परामर्श प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के लिए उचित पोषण, स्वच्छता, समय पर भोजन एवं नियमित स्वास्थ्य निगरानी के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों को बच्चों के वजन एवं स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कराने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करने के लिए जागरूक किया।
पोषण माह के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य जनपद में पोषण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, कुपोषण की रोकथाम तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

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