हिंडालको रेणुकूट में सप्लाई श्रमिक का एक्सीडेंट एक्सीडेंट फॉर्म न भरने पर भड़के मजदूर संगठन, मौके पर पहुँचे समाजसेवी डब्लू सिंह ने प्रबंधन को चेताया
पूर्वा टाइम्स – समाचार
रेणुकूट, सोनभद्र (28 जून 2026) औद्योगिक नगरी रेणुकूट स्थित हिंडालको इंडस्ट्रीज में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रमिक हितों के हनन का मामला अब और गरमा गया है। हिंडालको परिसर के भीतर ड्यूटी के दौरान एक सप्लाई मजदूर (ठेका श्रमिक) के साथ हुए हादसे के बाद से स्थानीय क्षेत्र और विभिन्न श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी बीच, घटना की सूचना मिलते ही प्रमुख समाजसेवी विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने मौके पर पहुँचकर पीड़ित मजदूर से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। प्राप्त विवरण के अनुसार, कल ड्यूटी पीरियड के दौरान उक्त श्रमिक गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। आरोप है कि इस गंभीर घटना के बाद भी हिंडालको प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार द्वारा पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर पहुँचे समाजसेवी डब्लू सिंह ने पीड़ित का ढाढस बंधाया और हिंडालको प्रबंधन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा निरंकुश ठेकेदार के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा पूरी तरह से हिंडालको प्लांट परिसर के भीतर और ड्यूटी के समय हुआ। श्रम नियमों (Labor Laws) के अनुसार, ऐसी स्थिति में कंपनी और ठेकेदार द्वारा तत्काल एक्सीडेंट फॉर्म भरा जाना विधिक रूप से अनिवार्य होता है, ताकि श्रमिक के समुचित इलाज और मुआवजे की कागजी कार्रवाई शुरू हो सके। परंतु, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी समाचार लिखे जाने तक पीड़ित मजदूर का एक्सीडेंट फॉर्म नहीं भरा गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इस घोर लापरवाही को लेकर जब पीड़ित पक्ष और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने संबंधित ठेकेदार से बात करने और वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया, तो आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना, तल्ख और हठधर्मिता से भरा रवैया अपनाया। ठेकेदार की इस बदसलूकी ने आग में घी का काम किया है, जिससे श्रमिकों में असंतोष की लहर दौड़ गई है। मामले को प्रमुखता से उठाने वाले स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रमिक शुभचिंतकों ने एक वीडियो संदेश जारी कर हिंडालको के उच्च प्रबंधन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा हमने वीडियो और समाचार के माध्यम से हिंडालको प्रबंधन को पूरी ईमानदारी से और समय रहते अवगत करा दिया है, ताकि बाद में श्रमिकों पर औद्योगिक अशांति फैलाने का झूठा आरोप न मढ़ा जाए और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा दमनकारी नीतियों (जैसे गुंडा एक्ट आदि) का भय दिखाया जा सके। हमारी मांग पूरी तरह विधिक है; कानून और श्रम नियमावली के तहत पीड़ित मजदूर भाई का जो भी दुर्घटना मुआवजा और इलाज का खर्च बनता है, उसे तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए। रेणुकूट क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और वरिष्ठ श्रमिक नेताओं का कहना है कि हिंडालको जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े औद्योगिक घराने में सप्लाई मजदूरों के साथ इस तरह का अमानवीय और उपेक्षित व्यवहार अत्यंत चिंताजनक है। ड्यूटी के दौरान सुरक्षा मानकों में चूक होना और दुर्घटना के बाद वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा न करना सीधे तौर पर स्थापित श्रम कानूनों का उल्लंघन है। विभिन्न श्रमिक संगठनों और स्थानीय सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिंडालको प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों से इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करने, दोषी ठेकेदार का टेंडर निरस्त करने और पीड़ित श्रमिक को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा व मुआवजा दिलाने की मांग की है। संगठनों ने साफ किया है कि यदि आगामी २४ घंटे के भीतर न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में व्यापक और उग्र श्रमिक आंदोलन की शुरुआत की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हिंडालको प्रबंधन की होगी।









