सोनभद्र के गुलाब जामुन को मिलेगी वैश्विक पहचान, ओडीओसी योजना में हुआ शामिल.

पूर्वा टाइम्स – समाचार
ऊर्जा नगरी के रूप में पहचान रखने वाला सोनभद्र अब अपने खास स्वादिष्ट गुलाब जामुन के लिए भी देश-विदेश में नई पहचान बनाएगा। प्रदेश सरकार ने एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के तहत सोनभद्र के प्रसिद्ध गुलाब जामुन को शामिल किया है। सरकार के इस फैसले से जिले के कारीगरों और मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए विशेष सेल का गठन करेगी। यह सेल गुलाब जामुन कारोबार से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही उन्हें बैंक ऋण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी। सरकार का उद्देश्य छोटे स्तर पर काम कर रहे कारीगरों को बड़े उद्यमी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि कारीगरों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। प्रशिक्षण में पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्वच्छता मानक और लंबी शेल्फ लाइफ बनाए रखने के तरीके सिखाए जाएंगे ताकि सोनभद्र के गुलाब जामुन देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकें। उपायुक्त ने बताया कि जिले में गुलाब जामुन बनाने की 200 से अधिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। ऐसे में ओडीओसी योजना के तहत चयन होने से कारोबार को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
गुलाब जामुन व्यवसायी संतोष कुमार मोदनवाल ने बताया कि यह मिठाई मुख्य रूप से मैदा, खोवा और चीनी से तैयार की जाती है। इसकी खास सुगंध और बेहद मुलायम स्वाद लोगों को आकर्षित करता है। इसमें इलायची, केसर और काजू-पिस्ता-बादाम का मिश्रण मिलाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास बन जाता है।

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