रिशु आर्य ने कढ़ाई प्रतियोगिता में जीता प्रथम स्थान , सना ने राखी प्रतियोगिता में बाजी मारी
हथकरघा दिवस पर गृह विज्ञान विभाग में हाथों से रंग कर लहराया गया तिरंगा उत्तरीय और तिरंगा राखी ने हमारे देश के कौशल को जागृत करने का संदेश दिया है -प्रोफेसर पूनम टंडन
पूर्वा टाइम्स समाचार


गोरखपुर। महिला अध्ययन केंद्र, तरंग एवं गृह विज्ञान विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में “11 वे राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस” के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका थीम “हैंडलूम -एंपावरिंग वूमेन, एंपावरिंग द नेशन” रहा तथा इसे राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के हर घर तिरंगा कार्यक्रम के साथ जोड़ कर मनाया गया ।
इस कार्यक्रम में हैंडलूम प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, राखी प्रतियोगिता , कढ़ाई प्रतियोगिताऔर पिडीलाइट वर्कशॉप सम्मिलित रहा।
इस हैंडलूम प्रदर्शनी में गृह विज्ञान विभाग के छात्राओं द्वारा बनाए गए विभिन्न आर्टिकल को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें हाथ से की गई कढ़ाई ( चिकनकारी ,फुलकारी पैच वर्क ,कांथा,कसूती, कसीदाकारी आदि), हाथ से की गई छपाई ( स्क्रीन छपाई ब्लॉक छपाई स्प्रे छपाई स्टैंसिल छपाई), मधुबनी और वारली पेंटिंग, बंधनी, बंधेज, लहरिया आदि आकर्षण का केंद्र रहे।
इस प्रदर्शनी में अतिथि के रूप में उपस्थित GUWWA की अध्यक्ष प्रो नंदिता सिंह ने छात्रायें के कला कौशल का प्रदर्शन देख कर उनकी सराहना की ।
ललित कला एवं संगीत विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ उषा सिंह ने हाथ से बने वीविंग , राखियों और हैंडलूम को देखा और छात्राओं को इस विधा का उपयोग कर स्स्वावलंबी बनने का संदेश दिया तथा बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हुए पूर्वांचल को प्रदर्शित करने वाली कला को नवाचार में परिवर्तित करने पर विचार करने का सुझाव दिया।कार्यक्रम संयोजक प्रो दिव्या रानी सिंह ने बच्चों को हैंडलूम की महत्वता और हमारे संस्कृति के महत्व को बताया तथा हथकरघा उद्योग में महिलाओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की ।इस अवसर पर डॉ तूलिका मिश्रा, डॉ दीपा श्रीवास्तव, डॉ कुसुम रावत, डॉ नीता सिंह और डॉ अनुपमा कौशिक भी उपस्थित रहे और बच्चों के द्वारा की गई इस प्रस्तुति को सराहा।
कढ़ाई प्रतियोगिता में अनेक छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें उन्होंने विभिन्न प्रकार के अलग-अलग कढ़ाई के टांके बनाएं, जिसमें रनिंग स्टिच, हेयरिंग बोन स्टिच, लेजी डेजी और चैन स्टिच आदि का प्रयोग किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ प्रीति गुप्ता ,डॉ नीता सिंह, डॉ अनुपमा कौशिक रही।
इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिशु आर्य, द्वितीय स्थान आकांक्षा गुप्ता, तृतीय स्थान तनु राय और सांत्वना पुरस्कार सुष्मिता चौहान को प्रदान किया गया बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया।
इसके उपरांत छात्राओं ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया गया। जिसका विषय हैंडलूम फॉर सस्टेनेबल फैशन रहा।जिसमे हैंडलूम और परंपरागत वस्त्र विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रश्नों को सम्मिलित किया गया। जिसमें प्रोफेसर डॉक्टर दिव्या रानी सिंह और डॉक्टर अनुपमा कौशिक ने निरीक्षण करते हुए विजेताओं के नाम घोषित किया ,
जिसने प्रथम विजेता श्रेया वर्मा ,द्वितीय विजेता निकिता कुमारी ,तृतीय विजेता अर्चिता चतुर्वेदी ,सांत्वना विजेता अंशु बनी।
द्वितीय चरण में गृह विज्ञान विभाग एवं तरंग(संस्कृतिक क्लब) के संयुक्त तत्वाधान में पिडीलाइट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं को राखी एवं बांधनी दुपट्टा बनाना सिखाया गया ,जिसमें अलग-अलग तरह की राखियां बनवाई गई ,जिसमें छात्राओं द्वारा बनाए गए तिरंगा राखी आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न छात्राओं ने प्रतिभा किया और इस प्रतियोगिता में अनेक छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें छात्राओं ने विभिन्न प्रकार की रखियो को अपने हाथों से बनाया ।इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह,डॉ नीता सिंह, डॉ अनुपमा कौशिक रही।
जिसमें प्रथम स्थान सना, द्वितीय स्थान नेहा गुप्ता, तृतीय स्थान खुशी केशरी और सांत्वना पुरस्कार मानसी और ऋतु सिंह को प्राप्त हुआ। इन सभी कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में विभाग की सभी शोध छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया








