जिलाधिकारी के नेतृत्व में सोनभद्र ने रचा नया कीर्तिमान, मात्र 7 दिनों में 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया
मूल्यांकन सूची पुनरीक्षण अभियान को मिली ऐतिहासिक सफलता, 4 दिनों में 45 प्रतिशत तथा 7 दिनों में 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण
संपत्तियों के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी मूल्यांकन की दिशा में सोनभद्र की बड़ी छलांग
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -जनपद सोनभद्र में आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण हेतु जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। जिलाधिकारी के सतत अनुश्रवण, प्रभावी रणनीति एवं सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद ने प्रदेश स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
विशेष खसरा फीडिंग अभियान के अंतर्गत मात्र 4 दिनों में लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया तथा केवल 7 दिनों में ही 80 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करते हुए सोनभद्र ने प्रदेशीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि जनपद प्रशासन की कार्यकुशलता एवं अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
संपत्तियों के यथार्थ एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन में खसरा संख्याओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन्हीं के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता तथा मूल्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का सटीक आकलन किया जाता है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की सभी तहसीलों में युद्धस्तर पर अभियान चलाकर खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग सुनिश्चित की जा रही है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक भूमि की अवस्थिति का विस्तृत विवरण भी संकलित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य मार्गों से किस प्रकार जुड़ी हुई है। साथ ही भूमि के आसपास उपलब्ध आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों का भी विवरण दर्ज किया जा रहा है। इससे संपत्तियों का बाजार मूल्य अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत एवं वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित किया जा सकेगा।
जनपद स्तर पर उपनिबंधक, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयासों से यह कार्य निरंतर प्रगति पर है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देशित किया है कि मूल्यांकन सूची का निर्माण स्थानीय परिस्थितियों, भूमि की वास्तविक उपयोगिता तथा बाजार की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया जाए, जिससे आमजन को पारदर्शी, न्यायसंगत एवं व्यवहारिक व्यवस्था का लाभ प्राप्त हो सके।
सोनभद्र की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश में जनपद की कार्यक्षमता का परिचायक है, बल्कि भविष्य में अधिक सटीक एवं पारदर्शी सर्किल रेट निर्धारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध होगी।
जिला सूचना कार्यालय, सोनभद्र द्वारा जनहित में प्रसारित।









