संस्कृत एवं तकनीकि विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ

पूर्वा टाइम्स – मो० अनस अंसारी

गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चल रहे इक्कीस दिवसीय इक्कीस दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग एवं संस्कृत भारती, गोरक्ष प्रांत के संयुक्त तत्वावधान मे ‘संस्कृत एवं तकनीकि’ विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य-वक्ता के रूप में लखनऊ से आये संस्कृतभारती के क्षेत्रसङ्घटनमन्त्री श्री प्रमोद पण्डित ने कहा कि संस्कृत प्रत्येक भारतीय के रक्त में है, प्रत्येक भारतवासी जाने-अनजाने प्रतिदिन संस्कृत शब्दों का प्रयोग करता है। यदि वह थोड़ा सा प्रयत्न करे तो देव भाषा में सहज सम्भाषण भी कर सकता है। भाषा के व्यवहारिक पक्ष का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि भाषाएं उन्नति की ओर ले जाती हैं। आईआईटी कानपुर, आई आईटी रुड़की, आईआईटी इन्दौर इत्यादि का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आज तकनीकी संस्थानों के युवाओं में आधुनिक ज्ञान विज्ञान के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा और संस्कृत भाषा के प्रति ललक बढ़ी है। किन्तु संस्कृत के विभिन्न शास्त्रों तथा शाखाओं तक उनकी पहुँच बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही इस क्षेत्र में गहन अनुसन्धान भी आवश्यक है जिससे संस्कृत की लाखों पाण्डुलिपियों में सञ्चित ज्ञान सम्पदा विश्व के सम्मुख आ सकें।इस अवसर पर मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के डॉ० सुधीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी माध्यम से संस्कृत की ध्वनियों एवं उच्चारण स्थान की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने पितृ तथा मातृ शब्दों का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत ही नहीं अपितु विश्व की विभिन्न भाषाओं का मूल संस्कृत में निहित है। संस्कृत किसी एक मत-पन्थ की न होकर सभी की है। आज भी सम्पूर्ण देश में लोग विभिन्न अवसरों पर संस्कृत के स्तोत्र, सुभाषित, अमृत वचनों को पढ़ते हैं इसके सुभाषित सम्पूर्ण मानव जाति का कल्याण करने वाले हैं।इससे पूर्व मञ्चस्थ अतिथियों का स्वागत तथा परिचय भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग के समन्वयक डॉ० मिलिन्द राज आनन्द ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया। अपने उद्बोधन मे उन्होंने संस्कृत भाषा और उसके अन्य भाषाओं से संबंधों को उद्घ्रत करते हुए तकनिकी विद्यार्थियों को भी संस्कृत तथा अन्य शास्त्रीय भाषाओं की ओर उन्मुख हो ज्ञान के अक्षय भण्डार से लाभान्वित होने तथा उसे सिंचित करने को प्रेरित किया।कार्यक्रम की प्रस्तावना व्यक्त करते हुए संस्कृतभारती के गोरक्षप्रान्त सङ्घटनमन्त्री डॉ प्रकाश झा जी ने सभी को संस्कृत सप्ताह की शुभकामनाएं प्रदान कीं तथा रक्षा बन्धन पर प्रत्येक घर में संस्कृत दिनोत्सव मनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 300 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया तथा भविष्य में संस्कृत सीखने के प्रति सङ्कल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *