अमृत सरोवर में धन का बंदर बाट जिम्मेदार बने मुक दर्शक।
पूर्वा टाइम्स -बेचन शर्मा

सहजनवां गोरखपुर। पिपरौली ब्लॉक के जैतपुर गांव में लाखों खर्च से बना अमृत सरोवर निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। देखभाल के अभाव में जलकुंभी से पटा हुआ है। अमृत सरोवरों के किनारे लगी बेंच व कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जैतपुर इस अमृत सरोवर पर 2022-23में 15लाख भुगतान होने के बाद उपेक्षा का शिकार हो चुका है।लेकिन जिम्मेदार उसपर ध्यान ही नहीं दे रहे है। भीषण गर्मी को देखते हुए शासन ने गावों में तालाब व पोखरो को अमृत सरोवर के तहत सुन्दरीकरण,बैठने हटलने व लाइट की व्यवस्था,पोखरे में पर्याप्त पानी लाखों रूपये खर्च कर रही है। जिससे सरोवरों हमेशा पशुओं को पानी मिल सके तथा पशु एवं पक्षीयों को जल मिल सके। तथा भूमिगत जलस्तर को संतुलित रखने का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है।पिपरौली ब्लाक के जैतपुर स्थित शिव मंदिर पोखरे के सुन्दरीकरण, ब्रेंच व लाइट के 2022-23में 15लाख रुपया का भुगतान किया गया।लेकिन भुगतान के बाद ग्राम प्रधान पोखरे की तरफ दोबारा मुङकर नहीं देख रहे हैं। जिससे दो साल के भीतर अमृत सरोवर पूरी तरह से बदहाल की स्थिति में है। पूरा पोखरा जलकुम्भी से पटा पङा है।कही पानी तो कही सुखा पङा है।लाइट की व्यवस्था ही नहीं गयी।ब्रेंच भी बदहाल है,सीढीया टूट गयी है।ऐसे में जल संरक्षण की दिशा में सरकार की यह सराहनीय पहल पर जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे है।चारों तरफ झाङ झंखाङ लगा हुआ है।ग्रामीणों का कहना है प्रधान सचिव विकास कार्य पर सरकारी पैसे का भुगतान होने के बाद उसकी तरफ ध्यान नहीं देते जिससे बिना उपयोग के लाखों रूपये सरकारी धन बर्बाद हो जाता है। खंड विकासअधिकारी से पूछने पर उन्होंने कहे कि सफाई का काम चल रहा है इसके बाद फोन रख दिए।








