चौरीचौरा में दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शनी का हुआ समापन

इतिहास के अनदेखे पन्नों से हुआ साक्षात्कार

पूर्वा टाइम्स – डॉ अनिल गौतम

गोरखपुर। चौरी चौरा विद्रोह की दुर्लभ ऐतिहासिक सामग्री को प्रदर्शित करने वाली महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा कल्चरल क्लब सेंट एंड्रयूज कॉलेज के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का समापन सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज गोरखपुर में हुआ।समापन समारोह में इतिहासकारों शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अज्ञात पहलुओं पर चर्चा की गई।
समापन समारोह में कल्चरल क्लब के समन्वयक प्रो जे के पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रदर्शनी ने हमें चौरी चौरा विद्रोह और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों से रूबरू कराया। हम उन सभी प्रतिभागियों शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इसे सार्थक बनाया।आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश गुप्ता ने कहा कि इतिहास सिर्फ घटनाओं का संग्रह नहीं बल्कि हमारी चेतना का दर्पण है।इस अवसर पर महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ शाह आलम राना ने कहा कि हमने इस प्रदर्शनी के माध्यम से उन अनदेखे दस्तावेजों को प्रस्तुत किया जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों को और अधिक प्रामाणिकता से दर्शाते हैं। यह दुर्लभ दस्तावेज हमारे राष्ट्र की धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित कर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।समारोह में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। मारुति नंदन चतुर्वेदी ने समापन वक्तव्य देते हुए कहा कि इतिहास की यह झलक हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और हमें प्रेरित करती है कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को न भूलें।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।उपस्थित दर्शकों ने प्रदर्शनी को ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए आयोजकों की सराहना की।

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