आत्मनिर्भर भारत संगठन द्वारा राष्ट्रप्रेम,राष्ट्रीय एकता एव पारंपरिक विरासत की रक्षा करना

पूर्वा टाइम्स समाचार

गोरखपुर। आत्मनिर्भर भारत संगठन केवल समूह नहीं बल्कि एक ऐसा मंच है, जहां पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वालंबन और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर यह संगठन काम करता है। हमारा यह संगठन राष्ट्रीय पर्व जैसे विशेष आयोजनों को एकजुट होकर मनाता है।इससे राष्ट्रीय एकता और देश प्रेम की भावना बलवती होती है। यह बातें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताई। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिभुवन त्रिपाठी ने बताया कि,यह संगठन समाज के जरूरतमंद वर्ग जैसे गरीब,विधवा,दिव्यांगजन व्यक्तियों को हर संभव सहायता प्रदान करता है।जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षात्मक सहायता प्रदान करता है। यदि किसी गरीब या असहाय व्यक्ति का शोषण हो रहा है ,तो संगठन के सदस्य उसकी समस्या को सुनते हैं और उसे निस्वार्थ मदद दिलाने में सहायता करते हैं। इस संगठन के द्वारा निशुल्क सहायता की जाती है।संगठन के सभी सदस्य निस्वार्थ पूर्ण भाव से सेवा कार्य करते हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार दुबे ने बताया कि हम सभी सदस्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। गरीब, असहाय और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच कर उन्हें न्याय और सहायता प्रदान कर रहे हैं।आज उसी के तहत प्रत्येक मंगलवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन प्रत्येक क्षेत्र में आयोजित करेंगे। जिससे पुरानी विरासत और परंपरा का हमारे बच्चे अनुकरण करेंगे, क्योंकि यही बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं।हम अपने युवा पीढ़ी को शक्तिशाली बनाएंगे। इस अवसर पर राष्टीय अध्यक्ष ई. चंद्र प्रकाश पाण्डेय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और संघठन मंत्री प्रमोद कुमार दूबे,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ई. त्रिभुवन त्रिपाठी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ई. पंकज शुक्ला,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ई. सतीश दूबे,महानगर संयोजक डॉ. मुकेश शुक्ला,महानगर अध्यक्ष डॉक्टर डी.के. गुप्ता, महानगर आयुष प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. रमेश, बिहार प्रभारी ई. अभिषेक सिंह, उप सचिव शिवानंद,अध्यक्ष डॉ. डी. के. गुप्ता, राष्ट्रीय खेल कूद प्रकोष्ठ प्रमुख चिन्मयानंद मल्ल, स्वालंबन प्रमुख शशि कांत, प्रबंधक प्रमुख मानसिक मन्दता प्रमुख डॉ.राघवेन्द्र अंशुमान, सचिव परमात्मा दुबे ,सदस्य परमात्मा, कमल नयन सिंह, विवेक अन्य गण आदि उपस्थित रहे।

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