योगी सरकार की पहल से सोनभद्र की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, पंचगव्य के दीपक और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बढ़ी मांग

एनआरएलएम के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रहीं स्वरोजगार

पराग दूध की ओर से मिला 20 हजार दीपक और एक हजार पैकेट धूपबत्ती का ऑर्डर

प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता से ग्रामीण महिलाओं को मिला हुनर निखारने का अवसर, त्योहारों पर बढ़ रही पारंपरिक उत्पादों की मांग
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो

सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर रही है। इसका उदाहरण सोनभद्र में देखने को मिल रहा है, जहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और भगवान गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियां तैयार कर रही हैं। त्योहारों के दौरान इन उत्पादों की बढ़ती मांग से महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
स्थानीय संसाधनों से तैयार किए जा रहे इन उत्पादों को पारंपरिक स्वरूप के साथ आकर्षक डिजाइन भी दिया जा रहा है। दीपावली जैसे त्योहारों पर ग्राहकों की बढ़ती रुचि और अग्रिम ऑर्डर से समूह की महिलाओं को अपने काम का विस्तार करने का अवसर मिल रहा है। सरकारी प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग से महिलाएं अपने हुनर को स्वरोजगार में बदल रही हैं।
प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता से बढ़ा महिलाओं का हुनर
एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर ने बताया कि समूह की महिलाओं को पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। पंचगव्य में गाय के गोबर, दूध, घी, दही और गोमूत्र जैसे घटकों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ उन्हें आकर्षक रूप देने की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। पंचगव्य से बने दीपक, धूपबत्ती और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की बाजार में अच्छी मांग है। आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक स्वरूप के कारण इन उत्पादों के लिए अग्रिम ऑर्डर भी मिल रहे हैं।
पराग दूध की ओर से मिला बड़ा ऑर्डर
समूह की महिलाओं के उत्पादों को बाजार में मिल रही मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पराग दूध की ओर से उन्हें 20 हजार दीपक और धूपबत्ती के एक हजार पैकेट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर महिलाओं के लिए अपने उत्पादों को बड़े स्तर पर तैयार करने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने का अवसर है। त्योहारों के दौरान पंचगव्य से तैयार उत्पादों की मांग बढ़ने से समूह की महिलाओं को अपने काम के लिए नए ग्राहक मिल रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पाद निर्माण और बिक्री की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

स्वयं सहायता समूहों से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
योगी सरकार की स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने की नीति ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार तक पहुंच के अवसर महिलाओं को घरेलू कामकाज से आगे बढ़कर उद्यमी बनने की दिशा में प्रोत्साहित कर रहे हैं। स्थानीय संसाधनों से उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार करने की यह पहल स्वरोजगार के साथ पारंपरिक शिल्प और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को भी बढ़ावा देती है। गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए पंचगव्य से उत्पाद तैयार करना आमदनी का जरिया बनने के साथ अपने हुनर और मेहनत से नई पहचान बनाने का अवसर भी है। सरकारी सहयोग और बाजार में बढ़ती मांग से ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

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