आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सम्मान, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच
मा0 मुख्यमंत्री जी के संबोधन का पंचायत रिसोर्स सेन्टर में हुआ सजीव प्रसारण, श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों ने सुना संबोधन
सफाई कार्मिकों को टूल किट एवं निर्माण श्रमिकों को डेमो चेक का किया गया वितरण
श्रमिकों के हितों एवं सम्मान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है प्रदेश सरकार-विधायक सदर
प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुंचे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ-जिलाधिकारी
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -श्रम का सम्मान, सेवा की सुरक्षा और श्रमिक परिवारों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के क्रम में मा० मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के संबोधन का विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कार्मिक शामिल हुए मा0 मुख्यमंत्री के सम्बोधन के दौरान आउटसोर्सिंग कार्मिकों निगम के गठन व वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा और हित किये गये निर्णय की मा0 मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषण का उपस्थित कार्मिकों ने तालियों की गड़गड़हाट से स्वागत किये और प्रसन्नता व्यक्ति किये।
इस अवसर पर मा० विधायक सदर भूपेश चौबे , जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख सदर अजीत रावत, मा० मंत्री के प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय आकांक्षा गौतम सहित संबंधित अधिकारी, निर्माण श्रमिक एवं आउटसोर्स कार्मिक उपस्थित रहे।
विधायक सदर भूपेश चौबे ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री ने आज आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती व्यवस्था को ऑनलाइन, पारदर्शी एवं योग्यता और मेरिट आधारित बनाये जाने की जायेगी, रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा एवं अन्य सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी रहे,
उन्होंने कहा कि कार्मिक अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाता, उपस्थिति, भुगतान एवं वेतन से संबंधित कटौतियों की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शासन द्वारा श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि कार्मिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा तथा ई0पी0एफ0 और ई0एस0आई0 का अंशदान नियमित रूप से जमा कराया जाएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा कार्मिक के वेतन से सर्विस चार्ज के नाम पर अनावश्यक कटौती नहीं की जा सकेगी। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी नियमानुसार सभी आउटसोर्सिगं कार्मिकों को उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स सेवा निगम एवं बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से कार्मिकों और उनके परिवारों को दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यबल के रूप में विकसित करना है। इसी व्यवस्था के माध्यम से शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति जानने तथा निर्धारित समयसीमा में समाधान प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इस मौके पर सदर ब्लाक प्रमुख अजीत रावत ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम वेबसाइट का लोकर्पण जो मा0 मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है निगम के वेबसाइट के लोकार्पण के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना नहीं करना पडेगा और कार्मिकों के खाते में वेतन की धनराशि पॉच तारीख तक पहुच जायेगी और एजेंसी के माध्यम से जो उन्हे परेशानियों का सामना करना पड़ता था उन्हे अब किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा अब उन्हें उनके काम के अनरूप सम्मान मिलेगा।
इस दौरान मंत्री के प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कर्मिकों के हित में लिये गये फैसले अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत के सफाई कार्मिकों को टूल किट तथा निर्माण श्रमिकों को डेमो चेक वितरित किए गए। लाभ प्राप्त करने वाले श्रमिकों ने शासन की इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि श्रम का सम्मान, सेवा की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का भरोसा देते हुए श्रमिकों एवं आउटसोर्स कार्मिकों को विकास की मुख्यधारा से और अधिक सशक्त रूप से जोड़ना शासन की प्राथमिकता है।


