जनप्रतिनिधिगण जिला प्रशासन के समन्वय से छह पेयजल परियोजनाओं को मिली मंजूरी, पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता होगी सुनिश्चित
प्रदेश सरकार ने रिहंद, ओबरा व धनरौल बांध तथा रेनू नदी से कच्चा जल उठाने की दी मंजूरी
रेणुकूट, अनपरा, ओबरा, पिपरी, चुर्क सहित नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट के समाधान का मार्ग प्रशस्त
इनटेक वेल, पाइप लाइन व पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराएगा जल निगम
परियोजनाओं के पूर्ण होने से नागरिकों को सुचारु एवं बेहतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी-जिलाधिकारी
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र। आमजन को पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की योगी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सोनभद्र के नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति को और सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने बांधों व नदियों से कच्चा जल उठाकर ट्रीटमेंट के पश्चात आपूर्ति सुनिश्चित करने व इनटेक वेल निर्माण संबंधी छह परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर रेणुकूट, अनपरा, ओबरा, पिपरी तथा सोनभद्र नगर क्षेत्र सहित अन्य नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूती मिलेगी और जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन द्वारा रिहंद, धनरौल व ओबरा बांध तथा रेणु नदी से कच्चा जल उपलब्ध कराए जाने तथा पेयजल परियोजनाओं के लिए इनटेक वेल निर्माण के संबंध में सहमति प्रदान की गई है। स्वीकृति के अनुसार पिपरी नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए रिहंद बांध से 6.53 एमएलडी, ओबरा नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए ओबरा बांध से 21.47 एमएलडी, अनपरा नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए रिहंद बांध से 30 एमएलडी, चुर्क नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए धनरौल बांध से 2.77 एमएलडी, सोनभद्र नगर पालिका परिषद पेयजल योजना के लिए धनरौल बांध से 26 एमएलडी तथा रेणुकूट नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए रेनू नदी से 11 एमएलडी कच्चा जल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है।
पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजनाओं के अंतर्गत इनटेक वेल, पाइप लाइन, पंपिंग स्टेशन आदि आवश्यक संरचनाओं का निर्माण उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा कराया जाएगा। बताया कि इनटेक वेल के निर्माण से पूर्व निर्धारित मानकों एवं सुरक्षा प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। बांधों से केवल लाइव स्टोरेज से ही पानी लिया जाएगा तथा निर्धारित मात्रा से अधिक से जल लेने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही इनटेक वेल का निर्माण बाढ़ एवं कटान क्षेत्र से बाहर किया जाएगा तथा संरचनाओं का डिजाइन नदी के कटान एवं सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं के लिए आवश्यक ड्राइंग, डिजाइन एवं ले-आउट प्लान सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। स्टीमेट के अनुमोदन की स्वीकृति के बाद टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में नागरिकों को स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। अमृत 2.0 के अंतर्गत इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से नगरीय क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा और विशेष रूप से रेणुकूट एवं अनपरा, पिपरी, चुर्क, ओबरा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।









