NAKSHA पायलट परियोजना को लेकर नगर निगम में प्रशिक्षण

41 वार्डों में संपत्तियों के सर्वे के लिए 26 टीमें गठित, ROVAR ऐप से होगा डेटा संग्रह

गोरखपुर। भारत सरकार की NAKSHA पायलट परियोजना के अंतर्गत नगर क्षेत्र की संपत्तियों के सर्वेक्षण एवं उनकी सही पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम के सदन हाल में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सर्वेयरों को विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
परियोजना के प्रथम चरण में नगर निगम के 41 वार्डों में संपत्तियों का सर्वे प्रस्तावित है। इसके लिए 26 टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में नगर निगम और राजस्व विभाग का एक-एक कर्मचारी तथा दो सर्वेयर शामिल हैं। इस प्रकार दोनों विभागों के कुल 26-26 कर्मचारियों को सर्वेक्षण कार्य में लगाया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी प्रशिक्षकों द्वारा ROVAR एप्लिकेशन के इंस्टॉलेशन, लॉगिन प्रक्रिया और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही SOP (Standard Operating Procedure) के माध्यम से सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे के दौरान संपत्तियों से संबंधित आवश्यक अभिलेख जैसे रजिस्ट्री की प्रति, गृहकर और बिजली के बिल आदि का सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा संपत्तियों के क्षेत्रफल और सीमांकन से संबंधित बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों और शंकाओं का समाधान भी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिससे सभी टीमों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करने में स्पष्टता मिल सके।
कार्यक्रम नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें अपर नगर आयुक्त (प्रथम) एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य को पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और गंभीरता के साथ संपन्न किया जाए।
नगर निगम एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि NAKSHA परियोजना को सफल बनाने के लिए सर्वे टीमों का सहयोग करें और अपनी संपत्तियों से संबंधित सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि सरकारी अभिलेखों में सटीक विवरण दर्ज किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि संपत्तियों के सही सर्वेक्षण से शहरी क्षेत्र की संपत्तियों की बेहतर पहचान, अभिलेखों का सुव्यवस्थित प्रबंधन तथा भविष्य की शहरी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। आगामी चरण में सर्वेयर टीमों को फील्ड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हो सके।

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